एम॰ फातिमा बीबी
न्यायमूर्ति फातिमा बीबी (1927-2023) भारत के इतिहास में एक अग्रणी हस्ती थीं, जिन्हें 1989 में सर्वोच्च न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश बनने का गौरव प्राप्त हुआ। केरल के पथानामथिट्टा में जन्मी फातिमा बीबी ने त्रिवेंद्रम से कानून की पढ़ाई की और 1950 में वकील के रूप में अपना करियर शुरू किया, जिसके बाद उन्होंने मुंसिफ, जिला एवं सत्र न्यायाधीश और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जैसे विभिन्न पदों पर कार्य किया। 6 अक्टूबर 1989 को वे सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्त हुईं और 24 अप्रैल 1992 को सेवानिवृत्त हुईं, जिसके बाद वे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सदस्य (1993) तथा तमिलनाडु की राज्यपाल भी बनीं। अपने लंबे और सम्मानित करियर में उन्होंने कई ऐतिहासिक फैसलों में योगदान दिया। 23 नवंबर 2023 को 96 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया, जिससे न्यायिक क्षेत्र में महिलाओं के लिए मार्ग प्रशस्त करने वाली एक महान विभूति का अंत हुआ।
Source: एम॰ फातिमा बीबी — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi