आग का गोला (फ़िल्म)

सन् 1989 में बनी बॉलीवुड एक्शन-ड्रामा फिल्म 'आग का गोला' में सनी देओल मुख्य भूमिका में हैं, जो एक गैराज मैकेनिक बनने का सपना देखता है। कहानी शंकर नाम के इस युवक की है, जिसे झूठे चोरी के आरोप में फंसाया जाता है; अपनी माँ को गिरफ्तारी के सदमे से मरते देख, वह पुलिस से बचकर डॉन राजा बाबू (प्रेम चोपड़ा) के गिरोह में 'शाका' बनकर शामिल हो जाता है। एक बच्चे के अपहरण के दौरान उस बच्चे की माँ की मौत उसे अपनी माँ की याद दिलाती है, जिससे वह पश्चाताप कर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर देता है और जेल चला जाता है, जहाँ एक सांसद की जान बचाने पर उसकी सजा में कमी होती है। जेल से रिहा होने के बाद वह एक सामान्य नागरिक की तरह गैरेज में काम करता है और आरती (डिम्पल कपाड़िया) से प्रेम कर शादी कर लेता है, लेकिन उसका आपराधिक अतीत उसे सताता रहता है। परिस्थितियाँ उसे अंततः फिर से राजा बाबू के आपराधिक नेटवर्क में धकेल देती हैं, जिससे उसके शांतिपूर्ण जीवन की उम्मीद टूट जाती है। इस फिल्म में शक्ति कपूर, अर्चना पूरन सिंह, और रज़ा मुराद जैसे दमदार कलाकारों ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं, जो इसे 80 के दशक की भावनात्मक एक्शन फिल्मों का एक मार्मिक उदाहरण बनाता है।