एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय

एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (वनडे) क्रिकेट दो राष्ट्रीय टीमों के बीच खेला जाने वाला एक सीमित ओवरों का प्रारूप है, जिसमें प्रत्येक टीम को 50 ओवरों का सामना करना होता है और क्रिकेट विश्व कप इसी नियम के तहत आयोजित किया जाता है।

इस प्रारूप की शुरुआत 5 जनवरी 1971 को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच हुई, जब बारिश के कारण टेस्ट मैच रद्द होने पर एक वैकल्पिक 40-ओवर (आठ गेंद प्रति ओवर) का मैच खेला गया, जिसे ऑस्ट्रेलिया ने 5 विकेट से जीता था।

1970 के दशक के अंत में कैरी पैकर की वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट ने खेल में क्रांति ला दी, जिसमें रंगीन वर्दी, दूधिया रोशनी में सफेद गेंद, काले साइट-स्क्रीन, माइक्रोफोन और ऑन-स्क्रीन ग्राफिक्स जैसी आधुनिक सुविधाएं पेश की गईं, और पहला रंगीन वर्दी वाला मैच 17 जनवरी 1979 को खेला गया।

खेल के नियमों के अनुसार, टॉस जीतने वाला कप्तान बल्लेबाजी या गेंदबाजी चुनता है, पहली पारी में निर्धारित रन चेज़ (Target) बनते हैं, और प्रत्येक गेंदबाज़ अधिकतम 10 ओवर (पारी के कुल ओवरों का पांचवां हिस्सा) ही फेंक सकता है।

यदि दोनों टीमों के रन बराबर हो जाएं तो मैच टाई घोषित होता है, वहीं खराब मौसम के कारण ओवर घटने पर परिणाम डकवर्थ-लुईस विधि से निकाला जाता है, और क्षेत्ररक्षण प्रतिबंध (पावरप्ले) में निर्धारित ओवरों के दौरान 9 क्षेत्ररक्षकों को सर्कल के अंदर रखना अनिवार्य होता है।

यह लचीलापन और आधुनिक तकनीकी प्रयोग ही वनडे को टेस्ट से अलग तथा सबसे लोकप्रिय और तेज़-तर्रार क्रिकेट प्रारूपों में से एक बनाता है।