हैदराबाद (पाकिस्तान)
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में स्थित हैदराबाद देश का सातवाँ सबसे बड़ा शहर है, जो कराची से लगभग 150 किलोमीटर दूर है और रेलवे तथा M-9 मोटरवे से जुड़ा हुआ है। इस शहर का नाम इस्लाम के चौथे खलीफा अली (उपनाम 'हैदर') के नाम पर रखा गया, जबकि ऐतिहासिक रूप से इसे 'नेरूनकोट' कहा जाता था; वर्तमान स्वरूप की नींव मियाँ ग़ुलाम शाह कल्होड़ो ने 1768 में रखी थी। 1935 तक सिंध की राजधानी रहे इस शहर का प्राचीन इतिहास भी रोचक है, क्योंकि 711 ई. में अरब सेनापति मुहम्मद बिन क़ासिम ने यहाँ के 'नय्यर वन कोट' किले को बिना युद्ध के जीत लिया था। सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से यह शहर शहरी और ग्रामीण सिंध के बीच एक प्रवेश द्वार है, जो कई सूफी संतों की जन्मभूमि रहा है और यहाँ दुनिया का सबसे बड़ा चूड़ी (बैंगल) उद्योग स्थित है। यहाँ की अधिकांश आबादी सिंधी है, साथ ही मुहाजिर, बलोच और पश्तो भाषी भी रहते हैं; धार्मिक रूप से यहाँ मुस्लिम बहुल आबादी के साथ एक महत्वपूर्ण सिंधी हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय भी निवास करता है।
Source: हैदराबाद (पाकिस्तान) — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi