भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की स्थापना 28 जनवरी 2009 को भारत सरकार द्वारा की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य हर निवासी को एक बहुउद्देश्यीय राष्ट्रीय पहचान पत्र 'आधार' प्रदान करना था। इसके पहले अध्यक्ष इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन निलेकणि बने, जिन्होंने मार्च 2014 में आम चुनाव लड़ने के लिए पद से इस्तीफा दे दिया था। आधार एक 12 अंकों की विशिष्ट संख्या है जो निःशुल्क जारी की जाती है और यह देश में कहीं भी पहचान व पते का प्रमाण है; पहला आधार नंबर 29 सितंबर 2010 को जारी हुआ था। प्राधिकरण ने दिसंबर 2012 तक 25 करोड़, वर्ष 2013 में 29.1 करोड़ और जुलाई 2016 तक 102 करोड़ से अधिक आधार नंबर जारी कर दिए। इसका उपयोग सरकारी सब्सिडी (जैसे एलपीजी और मनरेगा) के सीधे लाभ हस्तांतरण (DBT) में होता है, और अब बिना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के भी चेहरा दिखाकर ई-आधार डाउनलोड किया जा सकता है। यह परियोजना नकली पहचान खत्म करने और जनहित सेवाओं को सरल बनाने में एक ऐतिहासिक कदम है।