वाराणसी

वाराणसी (काशी/बनारस) उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में गंगा नदी के तट पर बसा विश्व के सबसे प्राचीन शहरों में से एक है, जिसे हिंदू धर्म का परम तीर्थस्थल तथा "भगवान शिव की नगरी" कहा जाता है। इसका नाम वरुणा एवं असि नदियों के संगम से बना है, और यह सहस्रों वर्षों से भारत का सांस्कृतिक, धार्मिक एवं शैक्षिक केंद्र रहा है। यहाँ गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस की रचना की, गौतम बुद्ध ने निकटवर्ती सारनाथ में अपना प्रथम प्रवचन दिया, और कबीर, रविदास, प्रेमचंद, पंडित रवि शंकर तथा उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ जैसी महान विभूतियों ने इस नगरी को अपनी साधना का आधार बनाया। हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत का प्रसिद्ध बनारस घराना भी यहीं जन्मा, जबकि बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय सहित चार प्रमुख विश्वविद्यालय आज भी इसे "ज्ञान नगरी" की पहचान देते हैं। अमेरिकी लेखक मार्क ट्वेन ने सुप्रसिद्ध कथन में इसे "इतिहास से भी पुरातन, परंपराओं से पुराना और किंवदंतियों से भी दोगुना प्राचीन" बताया था।