दोहरी सूचिगत कंपनी
दोहरा सूचिकरण (Dual Listing) वह प्रक्रिया है जिसमें कोई कंपनी दो अलग-अलग देशों के स्टॉक एक्सचेंजों में अपने शेयर सूचीबद्ध कराती है, जिससे निवेशक दोनों ही बाजारों में शेयरों की खरीद-बिक्री कर सकते हैं। इसका एक उदाहरण भारती एयरटेल और एमटीएन के बीच संभावित समझौता है, जहाँ भारती के शेयर जोहानसबर्ग और एमटीएन के शेयर भारतीय बाजार में कारोबार के लिए उपलब्ध होंगे, हालाँकि कई जटिलताओं के कारण यह अधिक लोकप्रिय नहीं है। वैश्विक स्तर पर रॉयल डच शेल, बीएचपी बिलिटॉन, रियो टिंटो और यूनिलीवर जैसी बड़ी कंपनियाँ ब्रिटेन, नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया के एक्सचेंजों में इसी प्रणाली के तहत कारोबार करती हैं। भारत में अभी तक दोहरे सूचिकरण की अनुमति नहीं है, और इसे लागू करने के लिए कंपनी कानून तथा विदेशी मुद्रा विनिमय अधिनियम (FEMA) में संशोधन के साथ-साथ रुपये को पूर्ण रूप से परिवर्तनीय बनाना आवश्यक होगा। इसके अतिरिक्त, रिजर्व बैंक (RBI) की पूर्व अनुमति के बिना विदेशी मुद्रा में लेन-देन नहीं किया जा सकता, इसलिए यह भारतीय बाजार के लिए एक भविष्य की संभावना बनी हुई है।
Source: दोहरी सूचिगत कंपनी — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi