प्रयागराज

यहाँ प्रयागराज नगर की एक व्यापक झलक प्रस्तुत है, जो उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख सांस्कृतिक एवं प्रशासनिक केंद्र है।

  • प्रयागराज उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख नगर है, जो गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों के त्रिवेणी संगम पर बसा हिंदुओं का सबसे पवित्र तीर्थस्थल है।
  • हिंदू मान्यता के अनुसार, सृष्टिकर्ता ब्रह्मा ने यहीं सबसे पहला यज्ञ किया था, इसीलिए इसका नाम 'प्रयाग' (प्र + याग) पड़ा, तथा यहाँ प्रत्येक 12 वर्षों में विश्व प्रसिद्ध कुंभ मेला और हर 6 वर्षों में अर्द्धकुंभ का आयोजन होता है, जो इसे 'कुंभनगरी' की पहचान देता है।
  • ऐतिहासिक रूप से, मुगल सम्राट अकबर ने 1575 में यहाँ एक किला बनवाकर इसका नाम 'इलाहाबाद' रखा, जिसे बाद में अक्टूबर 2018 में उत्तर प्रदेश सरकार ने बदलकर पुनः प्रयागराज कर दिया।
  • यह नगर धार्मिक ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहाँ इलाहाबाद उच्च न्यायालय, राज्य पुलिस मुख्यालय, लोक सेवा आयोग और उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय जैसे प्रमुख कार्यालय स्थित हैं।
  • भगवान विष्णु के यहाँ 'वेणीमाधव' रूप में विराजमान होने की मान्यता के साथ, यह स्थान महाकुंभ की चार पवित्र स्थलियों (हरिद्वार, उज्जैन, नासिक) में से एक है, और आनंद भवन जैसे दर्शनीय स्थल भी इसे विशेष बनाते हैं।