बंगाली लिपि

बांग्ला लिपि (Bengali Script) पूर्वी नागरी लिपि का एक परिमार्जित रूप है, जिसकी उत्पत्ति प्राचीन ब्राह्मी लिपि से हुई है, और इसका प्रयोग मुख्य रूप से बांग्ला, असमिया और विष्णुप्रिया मणिपुरी भाषाओं को लिखने के लिए किया जाता है। इसका आधुनिक स्वरूप चार्ल्स विल्किंस ने वर्ष 1778 में दिया, जब उन्होंने इस लिपि के लिए पहली बार धातु के टाइपसेट (टंकण साँचे) का निर्माण किया। हालाँकि असमिया और मणिपुरी में भी लगभग यही लिपि अपनाई जाती है, लेकिन 'र' (বাংলা: র / অসমীয়া: ৰ) और 'व' (व) जैसे कुछ वर्णों के रूपों में भाषा-विशेष के अनुसार सूक्ष्म भेद देखने को मिलते हैं। इस लिपि में स्वर, व्यंजन, बड़ी संख्या में जटिल संयुक्ताक्षर (जैसे: ক্ষ, জ্ঞ, ত্র) और एक अलग अंक प्रणाली शामिल है, जो संस्कृत और अन्य भारतीय भाषाओं के शब्दों का सटीक लेखन सुनिश्चित करती है। कंप्यूटर युग में इसके डिजिटीकरण के लिए यूनिकोड में एक विशेष स्थान (रेंज U+0980 से U+09FF) निर्धारित किया गया है, जिससे वर्ल्ड वाइड वेब पर बांग्ला लेखन और पठन अत्यंत सरल हो गया है।