करण थापर
करण थापर भारतीय पत्रकारिता के एक प्रमुख चेहरे हैं, जिन्हें राजनेताओं के तीखे और बेबाक साक्षात्कारों के लिए जाना जाता है। पूर्व सेनाध्यक्ष प्राण नाथ थापर के पुत्र और इतिहासकार रोमिला थापर के कज़िन, करण ने दून स्कूल से पढ़ाई की और 1977 में कैंब्रिज विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में डिग्री ली। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत नाइजीरिया से की, फिर 1982 में लंदन वीकेंड टेलीविज़न से जुड़े और 2001 में अपना प्रोडक्शन हाउस 'इंफोटेनमेंट' बनाया; अप्रैल 2014 में वे CNN-IBN छोड़कर इंडिया टुडे में शामिल हुए। उन्हें 2003 में एशियन टेलीविजन पुरस्कार जीतने वाले पहले व्यक्ति का सम्मान मिला और 2009 में रामनाथ गोयनका पत्रकारिता पुरस्कार से नवाज़ा गया। खास बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में कुलभूषण जाधव मामले के दौरान उनकी पत्रकारिता का उपयोग भारत के पक्ष में साक्ष्य के रूप में किया गया था। इसके अलावा, उन्होंने 'फेस टू फेस इंडिया' और 'मोर सॉल्ट देन पेपर' जैसी लोकप्रिय पुस्तकें भी लिखी हैं।
Source: करण थापर — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi