धनु

धनु वैदिक काल की एक हिन्दू लम्बाई मापन इकाई है, जो 2 दण्ड या 4 हस्त के बराबर होती है। विष्णु पुराण के अनुसार, मानव हस्त (हाथ) की विभिन्न अंगुलियों की दूरी से छोटी-बड़ी इकाइयाँ बनती हैं, जैसे 12 अंगुल = 1 वितस्ति, और 24 अंगुल = 1 हस्त। एक धनु की लम्बाई लगभग 3 से 4 मीटर होती है, और इससे बड़ी इकाइयाँ जैसे रज्जु (5 धनु) और कोस (100 परिदेश) भी बनती हैं। 4 कोस से 1 योजन (लगभग 13-16 किमी) बनता है, और 1,000 योजन = 1 महायोजन (13,000-16,000 किमी)। वायु पुराण में भी 4 हस्त = 1 धनु, 2000 धनु = 1 गाव्यूति, तथा 8000 धनु = 1 योजन की गणना दी गई है। ब्रह्माण्ड के विशाल परिमाण का वर्णन इस पाठ में अधिक विस्तार से नहीं किया गया है, परन्तु यह प्राचीन भारतीय मापन प्रणाली की वैज्ञानिक सटीकता दर्शाती है।