बुध (ज्योतिष)

बुध को भारतीय ज्योतिष शास्त्र में एक महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है, जो चन्द्रमा और वृहस्पति की पत्नी तारा के पुत्र हैं तथा सप्ताह के चौथे दिन (बुधवार) के अधिपति हैं। पौराणिक कथा के अनुसार, चंद्रमा के प्रति तारा के प्रेम के कारण बृहस्पति और चंद्रमा के बीच 'तारकाम्यम' नामक युद्ध हुआ, जिसे ब्रह्मा ने रोका और बुध को चंद्रमा का पुत्र घोषित किया। बुध ने अपने जन्म से क्षोभित होकर हिमालय में घोर तपस्या की, जिससे प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें वैदिक विद्याएं और समस्त कलाओं का वरदान दिया, और उनका विवाह वैवस्वत मनु की पुत्री इला से हुआ जिनसे पुरुरवा का जन्म हुआ। ज्योतिष में बुध को सामान्यतः शुभ ग्रह माना जाता है, यह मिथुन और कन्या राशि का स्वामी है, कन्या में उच्च का तथा मीन में नीच का होता है, और सूर्य तथा शुक्र से मित्रता व चंद्रमा से शत्रुता रखता है। यह बुद्धि, व्यापार, विज्ञान, संचार और शिक्षा का प्रतिनिधित्व करता है, तथा हरा रंग, पन्ना रत्न, उत्तर दिशा और अश्लेषा, ज्येष्ठ एवं रेवती नक्षत्र इसके अधीन हैं।