जवाहर बख्शी

जवाहर रविराय बख्शी (जन्म: 19 फरवरी 1947, जूनागढ़) गुजरात के प्रसिद्ध ग़ज़ल कवि हैं। उन्होंने मुंबई के सिडेनहैम कॉलेज से वाणिज्य स्नातक की पढ़ाई की और चार्टर्ड अकाउंटेंट बने, लेकिन उनकी असली पहचान कविता से बनी। 1959 में पहली ग़ज़ल लिखने के बाद उन्होंने 700 से अधिक ग़ज़लें रचीं, जिनमें आध्यात्मिकता का गहरा चिंतन झलकता है। उनके प्रमुख संग्रह 'तारापनन शाहरमा' (1999, 108 ग़ज़लें) और 'परपोटाना किला' (2012, 11 ग़ज़लें) हैं। उन्हें 1998 में नर्मद सुवर्ण चंद्रक, 2006 में कालापी पुरस्कार और 2019 में कविश्वर दलपतराम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। निजी जीवन में वे दक्षा बख्शी से विवाहित हैं और उनकी एक बेटी पूजा है।