भारतीय आम चुनाव, 2014
भारत की सोलहवीं लोक सभा के लिए आम चुनाव 7 अप्रैल से 12 मई 2014 तक 9 चरणों में हुए, जो देश के चुनावी इतिहास का सबसे लंबा कार्यक्रम था, जिसमें 81.45 करोड़ मतदाताओं ने मतदान किया और 66.38% का सर्वाधिक मत प्रतिशत दर्ज किया गया। 16 मई को घोषित परिणामों में भाजपा ने 282 सीटें जीतकर अकेले बहुमत हासिल किया और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को कुल 336 सीटें मिलीं, जो 1984 के बाद की सबसे बड़ी जीत थी, और यह पहला मौका था जब किसी पार्टी ने बिना सहयोगी दलों के बहुमत प्राप्त किया। गौरतलब है कि भाजपा को केवल 31% वोट मिले, जो आजादी के बाद बहुमत वाली सरकार के लिए किसी पार्टी का सबसे कम वोट शेयर था, जबकि कांग्रेस को अपने इतिहास की सबसे बुरी हार का सामना करना पड़ा और उसे सिर्फ 44 सीटें मिलीं। कांग्रेस आधिकारिक विपक्ष बनने के लिए आवश्यक 54 सीटों (10%) की संख्या हासिल करने में असफल रही, जिससे भारत पहली बार एक आधिकारिक विपक्षी दल के बिना रह गया। चुनावी माहौल में अन्ना हजारे व अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में हुए भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलनों और भाजपा के दिसंबर 2013 के कई राज्यों (राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़) में मिली जीत ने इसका मार्ग प्रशस्त किया, जिसके बाद भाजपा ने नरेंद्र मोदी को अपना प्रधानमंत्री चेहरा घोषित किया, जबकि कांग्रेस का नेतृत्व राहुल गांधी ने किया। यह चुनाव भारतीय लोकतंत्र के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ था, क्योंकि इसने जनता की आकांक्षाओं और सत्ता-विरोधी (anti-incumbency) के जनादेश को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया।
Source: भारतीय आम चुनाव, 2014 — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi
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