त्रिवेन्द्र सिंह रावत

यहाँ त्रिवेन्द्र सिंह रावत पर आधारित एक व्यापक सारांश प्रस्तुत है:

त्रिवेन्द्र सिंह रावत उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक हैं, जिन्होंने 17 मार्च 2017 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। 1979 में आरएसएस से जुड़कर राजनीतिक सफर शुरू करने वाले रावत 2002, 2007 और 2017 में डोईवाला विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए और भाजपा की राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। शिक्षा की दृष्टि से उन्होंने 1983 में श्रीनगर गढ़वाल विश्वविद्यालय से परास्नातक (एम.ए.) तथा 1984 में पत्रकारिता में डिप्लोमा हासिल किया। वे अपने विवादास्पद बयानों के कारण राष्ट्रीय सुर्खियों में रहे, जैसे जुलाई 2019 में उन्होंने दावा किया कि गाय ऑक्सीजन बाहर निकालती है और क्षय रोग (तपेदिक) ठीक कर सकती है, जिसकी कड़ी आलोचना हुई। इसी तरह, मई 2021 में कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस एक जीवित जीव है और उसे इंसानों की तरह जीने का अधिकार है, जिसे विपक्ष ने "मूर्खतापूर्ण बकवास" बताते हुए उनकी दृष्टि पर सवाल उठाया। निजी जीवन में उनका विवाह शिक्षिका सुनीता रावत से हुआ और उनकी दो पुत्रियाँ हैं, जो उनके राजनीतिक जीवन के साथ एक सादगी भरा लेकिन विवादों से घिरा व्यक्तित्व प्रस्तुत करता है।