कोटद्वार
कोटद्वार: गढ़वाल का प्रवेशद्वार
कोटद्वार उत्तराखण्ड के पौड़ी गढ़वाल ज़िले में खोह नदी के किनारे बसा एक ऐतिहासिक नगर है, जिसे 'गढ़वाल का प्रवेशद्वार' कहा जाता है। १८९० में रेलवे के आगमन से विकास की शुरुआत हुई, और १८९७ में रेलवे लाइन बनने के बाद नगर का विस्तार हुआ; हालाँकि रोचक बात यह है कि १९२१ में जनसंख्या घटकर मात्र ३९६ रह जाने पर इसे ग्राम घोषित कर दिया गया था, लेकिन १९५१ में नगर पालिका की स्थापना के साथ इसने फिर से विकास पथ पकड़ा। २०१७ में उत्तराखण्ड सरकार ने इसे नगर निगम का दर्जा दिया, जिसमें ७३ गाँव शामिल करते हुए जनसंख्या लगभग १,३५,००० तक पहुँच गई। यह नगर आटा मिलों, तेल निष्कर्षण और प्लास्टिक उद्योगों का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, और यहाँ की साक्षरता दर ८६.२९% है, जो राज्य के औसत से काफी अधिक है। कोटद्वार की जलवायु समशीतोष्ण है—गर्मियों में तापमान ४३°C तक पहुँच जाता है, जबकि सर्दियों में यह ४°C से २०°C के बीच रहता है, और पास के पहाड़ी क्षेत्रों में अक्सर बर्फबारी देखी जाती है।
Source: कोटद्वार — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi