ज़ोजिला सुरंग

ज़ोजिला सुरंग लद्दाख के कारगिल जिले में सोनमर्ग और द्रास के बीच हिमालय के ज़ोजिला दर्रे के नीचे बन रही 14.2 किलोमीटर लंबी सुरंग है, जो एशिया की सबसे लंबी द्वि-दिशात्मक (दोतरफा) सुरंग होगी। इसका मुख्य उद्देश्य श्रीनगर और कारगिल के बीच साल भर सड़क संपर्क सुनिश्चित करना है, क्योंकि वर्तमान में 3,528 मीटर ऊंचा ज़ोजिला दर्रा सर्दियों में भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के कारण लगभग छह से सात महीने बंद रहता है। इस सुरंग के बनने से सोनमर्ग और मीनामर्ग के बीच का यात्रा समय चार घंटे से घटकर केवल 40 मिनट रह जाएगा, जो सेना के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह नियंत्रण रेखा (LOC) के बहुत करीब है। भारत सरकार ने जनवरी 2018 में लगभग 6,809 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना को मंजूरी दी और मई 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी आधारशिला रखी। वर्ष 2019 में शुरुआती ठेकेदार कंपनी (IL&FS) के दिवालिया होने के बाद, अगस्त 2020 में मेगा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमईआईएल) को नया ठेका मिला और अक्टूबर 2020 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पहले विस्फोट के साथ इसके निर्माण की औपचारिक शुरुआत की।