राजस्थान की जलवायु

राजस्थान की जलवायु: एक व्यापक परिचय

राजस्थान उत्तर-पश्चिमी भारत में स्थित है, जहाँ की जलवायु मुख्य रूप से शुष्क या अर्ध-शुष्क है, जिसमें गर्मियों और सर्दियों दोनों में अत्यधिक तापमान देखने को मिलता है। राज्य का अक्षांशीय विस्तार 23°3' से 30°12' उत्तरी अक्षांश तथा देशांतरीय विस्तार 69°30' से 78°17' पूर्वी देशांतर के मध्य है।

कर्क रेखा राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ से गुजरती है, जिसके कारण प्रत्येक वर्ष 21 जून को यहाँ सूर्य सीधा चमकता है। राज्य का सबसे गर्म जिला चुरु है, जबकि सबसे गर्म स्थल जोधपुर के फलोदी में स्थित है; इसके विपरीत, गर्मियों में सबसे ठंडा स्थल माउंट आबू (सिरोही) है, जिसे 'राजस्थान का शिमला' भी कहा जाता है। सबसे आर्द्र जिला झालावाड़ और सबसे शुष्क जिला जैसलमेर है, जबकि पश्चिमी रेगिस्तान में चलने वाली गर्म हवाओं को 'लू' और स्थानीय धूल भरे बवंडरों को 'भभुल्या' कहा जाता है।

मानसून की दक्षिण-पश्चिम शाखा अरावली पर्वतमाला के समानांतर होने के कारण राज्य में कम और अनियमित वर्षा होती है, जो मुख्यतः 15 जून से 15 सितंबर के बीच होती है। यहाँ तीन प्रमुख ऋतुएँ होती हैं—ग्रीष्मकाल (मध्य मार्च से जून, तापमान 45°C से 51°C तक), वर्षा ऋतु (मानसूनी वर्षा, औसत 57.7 सेमी) और शीतकाल (दिसंबर-जनवरी सबसे ठंडे महीने)। जलवायु के आधार पर राज्य को चार प्रदेशों में विभाजित किया गया है—शुष्क (जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर), अर्ध-शुष्क (उत्तर-पूर्वी भाग), उप-आर्द्र (पूर्वी भाग) और आर्द्र (दक्षिणी-पूर्वी भाग)।