एयरलाइन हब

एयरलाइन हब एक ऐसा हवाई अड्डा होता है जहाँ एक या अधिक एयरलाइनें अपने यात्री यातायात को केंद्रित करती हैं और हब-एंड-स्पोक प्रणाली के तहत छोटे शहरों (स्पोक) के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए ट्रांसफर (कनेक्शन) बिंदु के रूप में कार्य करती हैं। यह मॉडल एयरलाइनों को पैमाने की अर्थव्यवस्था (economy of scale) का लाभ देकर लागत कम करता है, लेकिन इसके लिए भारी अतिरिक्त कर्मचारियों और सुविधाओं की आवश्यकता होती है, साथ ही यात्रियों को कई बार लंबा यात्रा समय और हब एयरलाइन के एकाधिकार के कारण महंगे किराए का सामना करना पड़ता है। एयरलाइंस अपने हब पर उड़ानों के "बैंक" (clusters) भी बनाती हैं, जिसमें थोड़े समय में कई विमान आते-जाते हैं, जिससे यात्रियों के कनेक्शन का समय तो कम होता है लेकिन भीड़भाड़ और देरी भी बढ़ सकती है। मध्य पूर्व में इसका एक प्रमुख उदाहरण देखने को मिलता है, जहाँ 1974 में चार देशों ने गल्फ एयर पर नियंत्रण पाया और बहरीन में इसका हब बनाया गया। हालाँकि, 1985 में दुबई के शेख मोहम्मद द्वारा एमिरेट्स की स्थापना के बाद, 1993 में कतर एयरवेज और ओमान एयर तथा 2003 में अबू धाबी में एतिहाद एयरवेज का गठन हुआ। धीरे-धीरे ये देश अपने साझा एयरलाइन "गल्फ एयर" से अलग होते गए (कतर 2002, यूएई 2006, ओमान 2007 में), और आज एमिरेट्स, कतर एयरवेज और एतिहाद अपने-अपने घरेलू हवाई अड्डों पर विशाल हब स्थापित करके, बड़े जनसंख्या केंद्रों से अपनी निकटता के कारण वैश्विक विमानन यातायात के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं।