जेट विमान

जेट विमान वे वायुयान हैं जो जेट इंजन द्वारा संचालित होते हैं, और इन्हें प्रोपेलर विमानों की तुलना में अधिक तेज़ गति और ऊँचाई पर उड़ान भरने की क्षमता होती है, जिसके कारण ये सैन्य अभियानों और लंबी दूरी की यात्रा के लिए सर्वोत्तम माने जाते हैं। इनका सिद्धांत यह है कि इंजन बाहर से वायु लेकर उसमें ईंधन जलाता है, जिससे उत्पन्न गैस पीछे की ओर तीव्र वेग से निकलती है और प्रतिक्रिया के रूप में विमान को आगे की ओर धकेलती है, हालाँकि बाहरी वायु के अभाव में ये अंतरिक्ष में नहीं उड़ सकते। विश्व का सबसे पहला जेट यान कोंडा-१९१० था, जिसे हेनरी कोंडा ने १९१० में बनाया था, लेकिन इसकी जटिल प्रणाली के कारण इसे आगे विकसित नहीं किया गया। इसके बाद १९२९ में ब्रिटिश अभियंता फ्रैंक व्हित्तल ने टर्बोजेट की अवधारणा प्रस्तुत की, लेकिन विश्व का पहला ऐसा यान हेंकेल हे १७८ जर्मनी ने १९३९ में बनाया, जो केवल परीक्षणों तक सीमित रहा। द्वितीय विश्व युद्ध और शीतयुद्ध के दौरान इस तकनीक ने तेज़ी से प्रगति की, जिसके चलते आज अमेरिका का एसआर-७१ ब्लैकबर्ड (ध्वनि की गति से ३.४ गुना अधिक) सबसे तेज़ लड़ाकू जेट है, जबकि रूस का तुपोलेव तू-१४४ (ध्वनि की गति से २.३५ गुना) सबसे तेज़ व्यावसायिक यात्री विमान है।