गोरखपुर विमानक्षेत्र
पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रमुख हवाई अड्डा महायोगी गोरखनाथ हवाईअड्डा (गोरखपुर) भारतीय वायु सेना के स्वामित्व वाला एक सैन्य-सह-घरेलू हवाई अड्डा है, जिसका नागरिक परिचालन भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण करता है। 1980 और 2000 के दशक में यहां नागरिक उड़ानें बंद हो जाने के बाद, सितंबर 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और तत्कालीन केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने 22.5 करोड़ रुपये की लागत से बने 23,500 वर्ग फीट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया। हवाई अड्डे का 9,000 फीट लंबा रनवे एयरबस A320 और बोइंग 737 जैसे बड़े विमानों को संभालने में सक्षम है, और यहां से इंडिगो व स्पाइसजेट की सेवाओं से दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु सहित छह शहरों के लिए सप्ताह में लगभग 68 उड़ानें संचालित होती हैं। 28 मार्च 2021 को मुख्यमंत्री ने 26.87 करोड़ रुपये की लागत से टर्मिनल विस्तार की नींव रखी, जिसमें अतिरिक्त चेक-इन काउंटर, एस्केलेटर और लिफ्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल की जाएंगी। इसकी खास बात यह है कि रात के समय रनवे का पूर्ण उपयोग केवल भारतीय वायु सेना करती है, जबकि नागरिक उड़ानें केवल दिन में ही चलती हैं; नेपाल सीमा के करीब होने के कारण भैरहवा (85 किमी) यहां से सबसे निकटतम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है।
Source: गोरखपुर विमानक्षेत्र — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi
Hello from Cyprus ♥️