निर्वाचन प्रणालियाँ

यह लेख प्रतिनिधियों के चुनाव की विभिन्न प्रणालियों पर केंद्रित है, जिसमें लोकतंत्र के लिए निष्पक्ष और स्वतंत्र मतदान के विकास पर जोर दिया गया है। प्राचीन यूनानी नगर-राज्यों में प्रत्यक्ष लोकतंत्र था, लेकिन आधुनिक विशाल राष्ट्रों में जनसंख्या अधिक होने के कारण प्रतिनिधिक लोकतंत्र (Representative Democracy) अपनाया जाता है, जिसमें नागरिक अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं। लेख मुख्य रूप से सरल बहुमत प्रणाली (First-Past-the-Post) पर चर्चा करता है, जो सबसे प्राचीन है और ब्रिटेन में तेरहवीं शताब्दी से प्रचलित है, तथा भारत, अमेरिका और राष्ट्रमंडल देशों में आम है। इस प्रणाली की आलोचना की गई है क्योंकि इसमें सर्वाधिक मत पाने वाला उम्मीदवार विजयी हो जाता है, भले ही बहुसंख्यक मतदाताओं ने उसका विरोध किया हो, जैसा कि 1952 के भारत के पहले आम चुनाव में देखा गया था। इसके अलावा, यह प्रणाली अल्पसंख्यक दलों का सफाया कर देती है और किसी दल को उसके वास्तविक मत अनुपात से अधिक सीटें दिला सकती है, जिसके समाधान के लिए पुनरावर्तित गुप्त मतदान जैसे सुधार सुझाए गए हैं।