हरियाली तीज
हरियाली तीज का पावन पर्व सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है, जब चारों ओर हरियाली छाई रहती है। यह मुख्य रूप से महिलाओं का उत्सव है, जिसमें सुहागन और कुंवारी कन्याएं शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने 108वें जन्म में इसी दिन भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था, इसलिए यह व्रत अखंड सौभाग्य और योग्य वर की प्राप्ति के लिए रखा जाता है। इस दिन महिलाएं हरे रंग के वस्त्र पहनती हैं, हाथों पर मेहंदी लगाती हैं और झूला झूलकर लोकगीत गाती हैं। यह उत्सव विशेष रूप से हरियाणा, राजस्थान, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर पर खीर, मालपुआ और घेवर जैसे विशेष पकवान बनाए जाते हैं, और सास द्वारा नई बहू को सिंधारा (वस्त्र, चूड़ियाँ और मिठाई) भेंट किया जाता है।
Source: हरियाली तीज — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi