गोचर
ज्योतिष में गोचर का अर्थ ग्रहों की गति या राशिचक्र में उनका भ्रमण है, जिसके आधार पर जातक के जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों का फलादेश किया जाता है। इन ग्रहों की गति अलग-अलग होती है — चंद्र का गोचर सबसे तेज़ (लगभग सवा दो दिन) होता है, जबकि शनि का गोचर सबसे धीमा (लगभग ढाई वर्ष) माना जाता है; गुरु लगभग 1 वर्ष तथा राहु-केतु लगभग डेढ़ वर्ष में एक राशि बदलते हैं। गोचर फल जानने के लिए जन्म राशि (चंद्र राशि) को पहला घर मानकर ग्रहों की स्थिति, उनकी युति (conjunction) और दृष्टि (aspects) का विश्लेषण किया जाता है। उदाहरण के लिए, सूर्य का चंद्र पर गोचर पिता को कष्ट और कोर्ट-कचहरी की परेशानी देता है, जबकि सूर्य का गुरु पर गोचर आध्यात्मिक लाभ और महान आत्माओं से मिलन का योग बनाता है। इसी प्रकार, प्रत्येक ग्रह का आपसी संयोग (जैसे सूर्य-मंगल पर रक्त विकार, सूर्य-बुध पर व्यापारिक सफलता) अलग-अलग फल देता है, जिससे गोचर प्रणाली ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण भविष्यवाणी तकनीक बन जाती है।
Source: गोचर — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi