पूँजीगत परिसम्पत्ति कीमत निर्धारण मॉडल
पूँजीगत परिसम्पत्ति कीमत निर्धारण मॉडल (CAPM) एक महत्वपूर्ण वित्तीय सिद्धांत है, जो किसी परिसंपत्ति को एक विविध (diversified) पोर्टफोलियो में जोड़ने पर उसके लिए सैद्धांतिक रूप से उचित प्रतिलाभ दर (required rate of return) निर्धारित करता है, और यह मुख्य रूप से 'बीटा' (β) नामक व्यवस्थित बाजार जोखिम पर आधारित होता है। इस मॉडल की नींव हैरी मार्कोविट्ज़ के कार्य पर आधारित है, जिसे 1960 के दशक में जैक ट्रेयनॉर, विलियम शार्पे, जॉन लिन्टनर और जान मोसिन द्वारा स्वतंत्र रूप से विकसित किया गया, और इस योगदान के लिए 1990 में शार्पे और मार्कोविट्ज़ को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसका मूल सूत्र (E(R_i) = R_f + \beta_i (E(R_m) - R_f)) है, जिसमें जोखिम-मुक्त दर (Rf) और बाजार के अपेक्षित प्रतिलाभ (Rm) के आधार पर जोखिम प्रीमियम की गणना की जाती है। बाद में, फिशर ब्लैक ने 1972 में इसका एक संशोधित संस्करण 'ब्लैक सीएपीएम' (शून्य-बीटा) प्रस्तुत किया, जो जोखिम-मुक्त परिसंपत्ति की मान्यता को हटाकर अनुभवजन्य परीक्षणों में अधिक मजबूत साबित हुआ। हालाँकि आधुनिक विकल्प (जैसे अंतरपणन कीमत सिद्धांत) मौजूद हैं, फिर भी अपनी सरलता और व्यापक उपयोगिता के कारण CAPM आज भी वित्त जगत में सबसे अधिक प्रचलित और उपयोगी मॉडलों में से एक बना हुआ है।
Source: पूँजीगत परिसम्पत्ति कीमत निर्धारण मॉडल — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi
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