वीरेन्द्रनाथ चट्टोपाध्याय
वीरेन्द्रनाथ चट्टोपाध्याय (चट्टो) भारत के स्वतंत्रता संग्राम के एक महान क्रांतिकारी थे, जिनका जन्म 31 अक्तूबर 1880 को ढाका में हुआ था और जो 'भारत कोकिला' सरोजिनी नायडू के भाई थे। पिता द्वारा आई.सी.एस. की परीक्षा के लिए लंदन भेजे जाने पर असफलता मिली, लेकिन वहीं विनायक दामोदर सावरकर के संपर्क में आकर उन्होंने क्रांतिकारी जीवन अपनाया और बाद में पेरिस में मैडम कामा के 'वंदेमातरम' समूह से जुड़ गए। 1920 में मास्को जाकर उन्होंने लेनिन और ट्रॉट्स्की को प्रभावित किया और भारत की आज़ादी के लिए एक अंतरराष्ट्रीय संगठन बनाने का प्रयास किया, हालाँकि यह प्रयास मतभेदों के कारण सफल नहीं हो सका। आज़ाद हिन्द फौज की नींव डालने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा, और उनकी भतीजी पद्मजा नायडू बाद में पश्चिम बंगाल की राज्यपाल बनीं। अपने अंतिम दिनों में रूस में रहते हुए ट्रॉट्स्की से निकटता के कारण स्टालिन के कोपभाजन बने और माना जाता है कि 2 सितंबर 1937 को स्टालिन के महान शुद्धिकरण में उनकी मृत्यु हो गई।
Source: वीरेन्द्रनाथ चट्टोपाध्याय — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi