प्रधानमंत्री आवास योजना
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के निर्धन लोगों को किफायती पक्के मकान उपलब्ध कराना है; इसे पहले इंदिरा आवास योजना के नाम से जाना जाता था। इस योजना को तीन चरणों में विभाजित किया गया है - पहला चरण (अप्रैल 2015 से मार्च 2017) में 100+ शहर, दूसरा चरण (अप्रैल 2017 से मार्च 2019) में 200+ शहर, और तीसरा चरण (अप्रैल 2019 से मार्च 2022) में शेष लक्ष्य पूरे करने हैं। योजना के तहत सब्सिडी सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है, मकानों का आकार बढ़ाकर 25 वर्ग मीटर किया गया है, तथा लागत का वित्तपोषण केंद्र और राज्य सरकारें मैदानी क्षेत्रों में 60:40 और पूर्वोत्तर/हिमालयी राज्यों में 90:10 के अनुपात में करती हैं। लाभार्थियों को शौचालय के लिए स्वच्छ भारत योजना से 12,000 रुपये, ब्याज मुक्त 70,000 रुपये का ऋण, तथा पानी, बिजली और स्वच्छ ईंधन जैसी सुविधाएं अन्य योजनाओं से जोड़कर दी जाती हैं। पात्रता हेतु आवेदक की आयु 70 वर्ष से कम, परिवार में कोई पक्का मकान न होना, और वार्षिक आय ₹18 लाख से कम होनी चाहिए, जिसे EWS (₹3 लाख), LIG (₹3-6 लाख), MIG-I (₹6-12 लाख) और MIG-II (₹12-18 लाख) श्रेणियों में बांटा गया है।
Source: प्रधानमंत्री आवास योजना — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi