पोर्टफोलियो (वित्त)

वित्त में, पोर्टफोलियो किसी व्यक्ति या संस्था के निवेशों (जैसे स्टॉक, बांड, अचल संपत्ति, और स्वर्ण प्रमाण पत्र) का वह संग्रह है, जिसे विविधीकरण के सिद्धांत पर जोखिम को सीमित करने के लिए बनाया जाता है। इसके प्रबंधन में संपत्तियों की खरीद-बिक्री का निर्णय अपेक्षित मुनाफे और जोखिम (मानक विचलन) के आधार पर लिया जाता है, साथ ही निवेशक की जोखिम सहनशीलता को भी ध्यान में रखा जाता है। पोर्टफोलियो निर्माण के लिए समान भारित, पूंजीकरण भारित, और मूल्य भारित जैसी कई रणनीतियाँ हैं, जिनमें शार्प अनुपात को अधिकतम करने वाला अनुकूलतम पोर्टफोलियो सबसे बेहतर माना जाता है। इस प्रक्रिया में हैरी मार्कोविट्ज़ का आधुनिक पोर्टफोलियो सिद्धांत, CAPM और आर्बिट्रेज मूल्य निर्धारण सिद्धांत जैसे प्रतिदर्श प्रयुक्त होते हैं। पोर्टफोलियो मुनाफे की सही गणना के लिए समय-भारित विधि का उपयोग किया जाता है, और इसके प्रदर्शन की तुलना S&P 500 जैसे बेंचमार्क सूचकांकों से करके सक्रिय मुनाफे का विश्लेषण किया जाता है। दिलचस्प बात यह है कि लेख के अनुसार, यह पूरी व्यवस्था ऐतिहासिक रूप से लॉर्ड कैनिंग के समय लागू की गई थी, जो इसे एक विशेष ऐतिहासिक आयाम प्रदान करती है।