लाइन 3 (मुंबई मेट्रो)

मुंबई मेट्रो की लाइन 3 (एक्वा लाइन) पूरी होने पर मुंबई की पहली भूमिगत मेट्रो होगी, जो 33.5 किलोमीटर लंबी है और इसमें 27 भूमिगत तथा एक एट-ग्रेड स्टेशन शामिल होंगे। यह लाइन नेवी नगर से आरे डिपो तक चलेगी, जो अन्य मेट्रो लाइनों, उपनगरीय रेल, मोनोरेल और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को जोड़ते हुए बांद्रा-चर्चगेट की भीड़भाड़ घटाने में मदद करेगी। इस परियोजना का क्रियान्वयन एमएमआरसीएल करेगा, जिसकी कुल लागत लगभग ₹30,000 करोड़ है, जिसमें जेआईसीए द्वारा ₹13,235 करोड़ का सॉफ्ट लोन शामिल है। इस मार्ग की एक प्रमुख विशेषता मीठी नदी के नीचे 170 मीटर लंबी जुड़वां सुरंग है, जिसमें से एक सुरंग मार्च 2020 में पूरी हो गई थी, और यह कोलकाता के बाद भारत की दूसरी नदी-तल मेट्रो सुरंग होगी। हालाँकि, पेड़ों की कटाई और आरे कारशेड को लेकर पर्यावरणविदों के विरोध का सामना करना पड़ा, लेकिन सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाई कोर्ट ने मेट्रो के महत्व का हवाला देते हुए जनहित याचिकाएँ खारिज कर दीं।