पोरसा धोररा तहसील
मुरैना जिला मध्य प्रदेश के चंबल संभाग का एक प्रमुख जिला है, जिसका नाम 'मोर' और 'रैना' शब्दों से बना है, और यह भारत में मोरों की सबसे बड़ी आबादी के लिए प्रसिद्ध है। 2011 की जनगणना के अनुसार, 4998 वर्ग किमी क्षेत्रफल वाले इस जिले की जनसंख्या लगभग 19,65,137 है, जिसकी साक्षरता दर 72.1% और लिंगानुपात मात्र 839 है, जो इसे राज्य का पाँचवाँ सबसे घनी आबादी वाला जिला बनाता है। ऐतिहासिक रूप से, यह क्षेत्र ग्वालियर रियासत के टोंवरघर जिले का हिस्सा था, जिसे 1 नवंबर 1956 को नवगठित मध्य प्रदेश राज्य में विलय कर दिया गया। यह क्षेत्र अपनी सरसों की खेती और यहाँ स्थित प्रसिद्ध के.एस. ऑयल कंपनी के मुख्यालय के लिए जाना जाता है, जबकि यहाँ यादव, गुर्जर और राजपूत समुदायों का प्रभुत्व है। चंबल क्षेत्र में होने के कारण, पान सिंह तोमर जैसे कुख्यात डाकुओं की कहानियों ने इस दूरदराज़ इलाके को भारतीय मानस में रॉबिन हुड जैसी रोमांटिक छवि प्रदान की है। प्रशासनिक रूप से, इस जिले में मुरैना, अंबाह, जौरा और सबलगढ़ जैसे चार उप-संभाग तथा छह विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं, जो मुरैना लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा हैं।
Source: पोरसा धोररा तहसील — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi
Hello from Cyprus ♥️