कोंकणी लोग

कोंकणी लोग: एक संक्षिप्त परिचय

कोंकणी लोग भारतीय उपमहाद्वीप के कोंकण क्षेत्र के मूल निवासी एक इंडो-आर्यन जातीय-भाषाई समूह हैं, जो कोंकणी भाषा की विभिन्न बोलियाँ बोलते हैं। कोंकणी गोवा की राज्य भाषा है और तटीय कर्नाटक, तटीय महाराष्ट्र, केरल तथा गुजरात में भी बोली जाती है। 'कोंकण' शब्द की उत्पत्ति 'कुंकण' से मानी जाती है, जिसका अर्थ 'पहाड़ की चोटी' या आदिवासी माँ देवी के नाम से जोड़ा जाता है। ऐतिहासिक रूप से, यह क्षेत्र ८०००-६००० ईसा पूर्व में होमो सेपियन्स द्वारा बसाया गया था, और नवपाषाण काल (लगभग ३५०० ईसा पूर्व) में कोल, मुंडारी और खरविस जैसी ऑस्ट्रिक मूल की जनजातियाँ यहाँ निवास करती थीं। 'कोंकस' नामक जनजाति से ही इस क्षेत्र का नाम 'कोंगवान' या 'कोंकण' पड़ा। बाद में, उत्तर भारत से वैदिक लोगों की पहली लहर सरस्वती नदी के सूखने के कारण यहाँ प्रवास कर आई, जिनके वंशज आज के गौड़ सारस्वत ब्राह्मण माने जाते हैं।