इब्राहीम क़ुली क़ुतुब शाह वली
इब्राहीम क़ुली क़ुतुब शाह वली (1518-1580) गोलकोंडा सल्तनत के चौथे शासक थे, जिन्होंने 1550 से 1580 तक शासन किया और 'सुल्तान' की उपाधि धारण करने वाले कुतुबशाही वंश के पहले शासक बने। अपने भाई जमशेद से बचकर वे 1543 में विजयनगर साम्राज्य में शरण ले गए, जहाँ सात वर्षों तक रहकर उन्होंने तेलुगु संस्कृति, भाषा और रीति-रिवाजों को अपनाया और अपना नाम बदलकर 'माल्की भाराम' रख लिया, साथ ही एक हिंदू महिला भागीरथी से विवाह भी किया। 1550 में लौटकर सिंहासन संभालने के बाद उन्होंने तेलुगु साहित्य और कवियों को संरक्षण दिया, हिंदुओं को प्रशासन में नियुक्त किया, तथा हुसैन सागर झील और इब्राहिम बाग जैसे विकास कार्य करवाए। हालाँकि, 1565 में उन्होंने अपने पूर्व मेज़बान अलीया राम राय को धोखा देते हुए अन्य मुस्लिम शासकों के साथ मिलकर तालिकोटा के युद्ध में विजयनगर साम्राज्य को नष्ट कर दिया। उनके पुत्र मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने आगे चलकर वंश का नेतृत्व किया, और इब्राहिम को एक ऐसे शासक के रूप में याद किया जाता है जिसने हिंदू-मुस्लिम संस्कृतियों का अनोखा संगम किया।
Source: इब्राहीम क़ुली क़ुतुब शाह वली — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi