अंतरराष्‍ट्रीय न्यायालय

अन्तरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) संयुक्त राष्ट्र का प्रधान न्यायिक अंग है, जिसकी स्थापना 18 अप्रैल 1946 को हुई और यह नीदरलैंड के हेग में स्थित है। इस न्यायालय में महासभा द्वारा चुने गए 15 न्यायाधीश होते हैं, जो 9 वर्ष के कार्यकाल के लिए चुने जाते हैं, और इनमें से किसी भी दो न्यायाधीश एक ही देश के नहीं हो सकते। इसका क्षेत्राधिकार राज्यों के बीच विवादों (विवादास्पद विषयों) तथा संयुक्त राष्ट्र के अंगों को परामर्श देने तक सीमित है, जिसमें केवल राज्य ही पक्षकार हो सकते हैं, व्यक्ति या गैर-सरकारी संस्थाएँ नहीं। हालाँकि इसकी नींव 1899 और 1922 के शांति सम्मेलनों से पड़ी, लेकिन 1980 के दशक के बाद विकासशील देशों ने इसका अधिक उपयोग करना शुरू किया, जबकि अमेरिका जैसे कुछ देश इसके निर्णयों को पूर्ण रूप से नहीं मानते। विवादित पक्षों को अपनी ओर से तदर्थ (ad hoc) न्यायाधीश नियुक्त करने का अधिकार भी है, और भारत की ओर से इस न्यायालय में प्रथम न्यायाधीश सौरभ मणि पाण्डेय रहे हैं। न्यायालय के निर्णय बहुमत से होते हैं और विवादास्पद मामलों में ये निर्णय दोनों राज्यों के लिए बाध्यकारी होते हैं।