आर्चर ब्लड

आर्चर केन्ट ब्लड (1923-2004) एक अमेरिकी राजनयिक थे, जो 1971 के बांग्लादेश मुक्ति युद्ध के दौरान ढाका में अमेरिकी वाणिज्य दूत के रूप में तैनात थे। वे 'ब्लड टेलीग्राम' (6 अप्रैल, 1971) भेजने के लिए प्रसिद्ध हैं, जिसमें उन्होंने पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों की निंदा की और अमेरिकी सरकार की निष्क्रियता पर कड़ा प्रहार किया, जिस पर 20 राजनयिकों ने हस्ताक्षर किए। यह निष्क्रियता राष्ट्रपति निक्सन की याह्या खान से मित्रता और किसिंजर की चीन नीति के कारण थी, लेकिन ब्लड ने इसके विरुद्ध आवाज उठाई और पत्रकारों तथा हिंदू बंगालियों को भी आश्रय दिया। उन्होंने ग्रीस, अल्जीरिया, जर्मनी और अफगानिस्तान में सेवा की, और 1982 में नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के प्रभारी के रूप में सेवानिवृत्त हुए। अफगानिस्तान में सोवियत आक्रमण के समय भी उनकी भूमिका रही, जहाँ उन्होंने हफीजुल्ला अमीन का स्वागत किया था। उनका यह टेलीग्राम अमेरिकी विदेश सेवा के इतिहास में सबसे कड़ी निंदा वाला दस्तावेज़ माना जाता है, जो नैतिक नेतृत्व की मांग करता है।