मोहनलाल (अभिनेता)
मोहनलाल विश्वनाथन (जन्म 21 मई 1960) मलयालम सिनेमा के सबसे बड़े सितारे और भारत के महानतम अभिनेताओं में से एक हैं। उन्होंने चार बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते हैं, जिनमें 'वनप्रस्थम' (Vanaprastham) में कथकली कलाकार की भूमिका के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार शामिल है, और 2001 में पद्मश्री तथा 2025 में प्रतिष्ठित दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किए गए। अपनी सहज अभिनय शैली के लिए प्रसिद्ध मोहनलाल ने केवल छह महीने के अभ्यास से कथकली में महारत हासिल की, जिसे आमतौर पर आठ साल लगते हैं, और वे बिना विशेष प्रशिक्षण के भरतनाट्यम, कथक और कलारीपयट्टु जैसी कलाओं का प्रदर्शन करते हैं। उनके फिल्मी करियर की शुरुआत 1978 में 'थिरनोत्तम' से हुई, लेकिन 1980 की ब्लॉकबस्टर 'मंजिल विरिंजा पूक्कल' में खलनायक की भूमिका ने उन्हें पहली बड़ी सफलता दिलाई। 'किरीडम' में सेतु माधवन, 'स्पदिकम' में आडू थोमा और 'नाडोदिक्काट्टू' में दसन जैसी उनकी प्रतिष्ठित भूमिकाओं ने उन्हें दर्शकों का चहेता बना दिया। 2009 में भारतीय सेना ने उन्हें मानद लेफ्टिनेंट कर्नल का पद दिया, जो भारतीय सिनेमा के इतिहास में पहली बार था, और उन्हें कलादी के श्री शंकराचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय से मानद डॉक्टरेट भी मिली।
Source: मोहनलाल (अभिनेता) — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi
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