सैम मानेकशॉ

सैम हॉरमुसजी फेमजी जमशेदजी मानेकशॉ, जिन्हें 'सैम बहादुर' के नाम से जाना जाता है, भारतीय सेना के पहले फील्ड मार्शल थे और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान सेनाध्यक्ष के रूप में कार्य किया, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का निर्माण हुआ। 3 अप्रैल 1914 को अमृतसर के एक पारसी परिवार में जन्मे मानेकशॉ ने 1932 में देहरादून की भारतीय सैन्य अकादमी के पहले बैच में प्रवेश लिया और द्वितीय विश्व युद्ध में वीरता के लिए 'मिलिट्री क्रॉस' से सम्मानित हुए। उनका सैन्य करियर चार दशकों और पांच युद्धों तक फैला रहा, और 1969 में वे भारतीय सेना के सातवें प्रमुख बने। उनके नेतृत्व में भारतीय सेना ने 1971 में पाकिस्तान को पराजित किया, जिसके लिए उन्हें 'पद्म विभूषण' और 'पद्म भूषण' जैसे प्रतिष्ठित नागरिक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। 27 जून 2008 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी रणनीतिक सूझबूझ और साहस की कहानी आज भी भारतीय सेना के लिए प्रेरणा स्रोत बनी हुई है।