मतदाता पहचान पत्र

भारतीय मतदाता पहचान पत्र (EPIC) भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 18 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को जारी किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जो मुख्य रूप से चुनावों में मतदान के समय पहचान प्रमाण के रूप में कार्य करता है। इसे 1993 में तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त टी.एन. शेषन के कार्यकाल में पेश किया गया था। यह कार्ड न केवल मतदान के लिए, बल्कि सिम कार्ड, पासपोर्ट आवेदन और नेपाल-भूटान की यात्रा के लिए भी पहचान प्रमाण के रूप में उपयोगी है। प्रारंभ में यह कागज पर मुद्रित होता था, लेकिन 2015 से इसे पीवीसी (PVC) कार्ड के रूप में जारी किया जाने लगा, जो एटीएम कार्ड के आकार (ISO/IEC 7810) का होता है। कार्ड के अगले भाग पर मतदाता का नाम, रिश्तेदार का नाम, फोटो और पहचान संख्या होती है, जबकि पीछे पता और निर्वाचन क्षेत्र का विवरण दर्ज रहता है। यदि कोई व्यक्ति अपना निवास स्थान बदलता है, तो उसका पुराना कार्ड अमान्य हो जाता है और उसे नए क्षेत्र में पुनः पंजीकरण कराना पड़ता है।