रुचिका गिरहोत्रा केस
रुचिका गिरहोत्रा केस 1990 में हरियाणा के पुलिस महानिरीक्षक एसपीएस राठौर द्वारा 14 वर्षीय टेनिस खिलाड़ी रुचिका के साथ किए गए यौन उत्पीड़न से जुड़ा है, जिसके बाद पुलिस ने उसके परिवार को व्यवस्थित रूप से परेशान किया और अंततः रुचिका ने आत्महत्या कर ली। लगभग 19 साल बाद, 22 दिसंबर 2009 को अदालत ने राठौर को आईपीसी की धारा 354 के तहत दोषी ठहराते हुए 6 महीने की कैद और 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया। सीबीआई की अपील पर 25 मई 2010 को चंडीगढ़ की अदालत ने सजा बढ़ाकर डेढ़ साल कर दी और उसे तुरंत हिरासत में ले लिया। हालांकि, 11 नवंबर 2010 को सुप्रीम कोर्ट ने उसे चंडीगढ़ न छोड़ने की शर्त पर जमानत दे दी। राठौर हरियाणा लॉन टेनिस एसोसिएशन का अध्यक्ष था और उसने अपने घर के गैरेज में बने कार्यालय में रुचिका के साथ छेड़छाड़ की थी, जबकि उसकी बेटी रुचिका की सहपाठी थी। यह मामला भारत में पुलिस की शक्ति के दुरुपयोग और न्याय में देरी का एक प्रतीक बन गया।
Source: रुचिका गिरहोत्रा केस — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi