सुखोई एसयू-1

सुखोई एसयू-1 (या आई-330) द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत में सोवियत संघ द्वारा विकसित एक उच्च ऊंचाई वाला लड़ाकू विमान प्रोटोटाइप था, जिसका बेहतर संस्करण सुखोई एसयू-3 (आई-360) भी उसी समय बनाया गया था। 1939 में डिजाइन किए गए इस विमान में लकड़ी का अर्द्ध-मोनोकोक धड़ और क्लिमोव एम-105पी इंजन से जुड़े टीके-2 टर्बोचार्जर थे, जो इसे 10,000 मीटर की ऊंचाई पर 641 किमी/घंटा की गति देते थे। पहली उड़ान 15 जून 1940 को ए.पी. चेर्नेवस्की द्वारा हुई, लेकिन परीक्षण के दौरान टर्बोचार्जर अविश्वसनीय साबित हुए और उनके बिना यह याक-1 से भी कम प्रदर्शन करता था। सुखोई एसयू-3 ने कम पंख क्षेत्र के साथ बेहतर प्रदर्शन किया, फिर भी टर्बोचार्जर की समस्याओं के कारण 16 अप्रैल 1941 को इसका आगे का विकास रद्द कर दिया गया। दोनों प्रोटोटाइप का भाग्य अनिश्चित रहा; कुछ रिपोर्टों के अनुसार एसयू-1 नोवोसिबिर्स्क के पास ट्रेन बमबारी में नष्ट हो गया, जबकि एसयू-3 महान देशभक्तिपूर्ण युद्ध के दौरान नोवोसिबिर्स्क में नष्ट हो गया। इन्हें सोवियत वायु सेना के लिए बनाया गया था, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण इनका बड़े पैमाने पर उत्पादन कभी नहीं हो सका।