झण्डा गीत
विजयी विश्व तिरंगा प्यारा नामक यह प्रसिद्ध झण्डा गीत श्यामलाल गुप्त 'पार्षद' द्वारा रचा गया, जिसे बाद में कांग्रेस ने संशोधित करके 'ध्वजगीत' के रूप में मान्यता दी। 1938 में हरिपुरा कांग्रेस अधिवेशन में नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने इसे राष्ट्रीय झण्डा गीत की स्वीकृति दी और वहाँ उपस्थित लगभग पाँच हजार लोगों ने इसे एक स्वर में गाया। गणेश शंकर विद्यार्थी के आग्रह पर लिखे गए इस गीत की रचना रात में अचानक आए भावों से हुई, जब पार्षद जी को लगा कि भारत माता स्वयं उनसे यह गीत लिखवा रही हैं। महात्मा गांधी की सलाह पर इसे छोटा किया गया, जबकि ब्रिटिश शासन ने इस गीत को शामिल करने वाली पुस्तक 'राष्ट्रीय झण्डा अथवा स्वदेशी खादी' पर प्रतिबन्ध लगा दिया था। कानपुर के निवासी पार्षद जी का जन्म 16 सितंबर 1893 को हुआ था, और यह गीत न केवल राष्ट्रीय गीत घोषित हुआ, बल्कि अनेक नौजवानों और नवयुवतियों के लिए देश पर मर-मिटने का प्रेरणा स्रोत भी बना।
Source: झण्डा गीत — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi