निर्जला एकादशी
निर्जला एकादशी हिंदू धर्म की सबसे कठिन और पुण्यदायक एकादशी है, जो ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में आती है, जिसमें बिना जल और अन्न ग्रहण किए उपवास करना होता है। सामान्यतः वर्ष में 24 एकादशियाँ होती हैं, लेकिन अधिकमास आने पर यह संख्या बढ़कर 26 हो जाती है। पौराणिक कथा के अनुसार, महाबली भीम अपनी प्रचंड भूख के कारण एकादशी का व्रत नहीं रख पाते थे, जिससे वे चिंतित थे। महर्षि वेदव्यास ने उन्हें सलाह दी कि वे केवल इसी एक निर्जला एकादशी का व्रत करें, जिससे उन्हें वर्ष भर की सभी एकादशियों का फल प्राप्त हो जाएगा। इसी कारण इसे पांडव एकादशी या भीमसेनी एकादशी भी कहा जाता है, और यह व्रत धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष प्रदान करने वाला माना जाता है।
Source: निर्जला एकादशी — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi