साहित्य

साहित्य का अर्थ किसी भाषा के वाचिक (मौखिक) एवं लिखित समूह से है, और इस दृष्टि से संस्कृत साहित्य विश्व का सबसे प्राचीन साहित्य माना जाता है, जिसे सभी साहित्यों का मूल स्रोत कहा जाता है। भारतीय साहित्य की यात्रा ऋग्वेद से शुरू होती है, जिसमें वाल्मीकि का रामायण और व्यास का महाभारत जैसे महाकाव्य शामिल हैं, जबकि कालिदास और भास ने संस्कृत नाटकों को समृद्ध किया। भक्ति आंदोलन ने क्षेत्रीय भाषाओं को नया जीवन दिया, जिसमें तुलसीदास (अवधी), सूरदास (ब्रज), मीराबाई (मारवाड़ी) और कबीर (खड़ीबोली) जैसे कवियों की रचनाएँ आज भी अमर हैं। आधुनिक हिन्दी साहित्य में प्रेमचन्द ने कहानी और उपन्यास के क्षेत्र में अविस्मरणीय योगदान दिया है। विश्व साहित्य की बात करें तो होमर के इलियड-ऑडसी और शेक्सपियर के नाटक सदियों से पाठकों को प्रेरित करते आ रहे हैं, जो साहित्य की सार्वभौमिकता को दर्शाता है।