दिरहम

दिरहम ऐतिहासिक रूप से एक चांदी का सिक्का है, जो आज मोरक्को, संयुक्त अरब अमीरात और आर्मेनिया की मुद्रा के रूप में प्रयोग होता है, और जॉर्डन, कतर व ताजिकिस्तान में मुद्रा उपखंड के रूप में भी जाना जाता है। इसका मानक वजन लगभग 2.975 ग्राम (लगभग 3 ग्राम) है, और सात दीनार दस दिरहम के बराबर माने जाते हैं। इस्लामी परंपरा में हज़रत यूसुफ को कुछ दिरहम में बेचा गया था, और हज़रत ईसा को 30 चांदी के सिक्कों के लिए गिरफ्तार किया गया था। पैगंबर मुहम्मद के काल में चांदी के सिक्कों का मानक निर्धारित हुआ, और बाद में खलीफा उमर व अब्दुल मलिक ने सिक्कों को ढालकर नियमित रूप चलाया। आज भी दिरहम का उपयोग ज़कात, महर और इस्लामी कानूनों में मानक के रूप में होता है, और इसे वास्तविक धन माना जाता है जो कागजी मुद्रा के अवमूल्यन से बचाता है।