सजल बरुई
सजल बरुई: एक किशोर हत्यारे की चौंकाने वाली कहानी
सजल बरुई एक सजायाफ्ता अपराधी है, जिसने 22 नवंबर 1993 को महज 16 वर्ष की उम्र में कोलकाता, भारत में अपने पिता, सौतेली माँ और सौतेले भाई की नृशंस हत्या कर दी थी। बचपन में सौतेली माँ और सौतेले भाई द्वारा जलती सिगरेट और गर्म लोहे से प्रताड़ित किए जाने के कारण उसने यह अपराध किया, जिसमें उसके पाँच किशोर दोस्तों ने भी हिस्सा लिया था।
हत्या की यह वारदात इतनी भयानक थी कि इसने कोलकाता प्रेस में सुर्खियाँ बटोरीं, खासकर इसलिए क्योंकि सभी आरोपी नाबालिग थे। अपराध के बाद सजल के कहने पर उसके दोस्तों ने हथियारों को साफ करके मेज पर सजाया, फ्रिज से बंगाली मिठाइयाँ खाईं और उनके बदले मेज पर सिक्के छोड़ दिए — यह विचार उसे एक टेलीविजन कार्यक्रम से आया था। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
साल 2001 में, गुर्दे की बीमारी के बहाने अस्पताल में भर्ती सजल ने अपने पुलिस गार्डों को बीयर में नींद की गोलियाँ मिलाकर सुलाया और 15 सितंबर 2001 को जेल से फरार हो गया। भगोड़े के रूप में उसने मुंबई में शादी की और विभिन्न उपनामों के तहत कई अपराध किए, जिनमें कोलकाता के उल्टाडांगा इलाके में एक डकैती भी शामिल थी। फरवरी 2003 के अंत में, उसे अंततः पश्चिमी मिदनापुर जिले के जंबोनी से पुनः गिरफ्तार किया गया।
Source: सजल बरुई — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi
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