समद्विभाजन
भूमिति में, समद्विभाजन (bisection) किसी वस्तु, विशेषकर रेखा खंड या कोण, को दो बिल्कुल बराबर (समान आकार और आकृति) भागों में विभाजित करने की प्रक्रिया है, जिसमें आमतौर पर एक समद्विभाजक रेखा का उपयोग होता है। इसके दो मुख्य प्रकार हैं- रेखाखंड समद्विभाजक, जो खंड के मध्यबिंदु से गुजरता है, और कोण समद्विभाजक, जो कोण को दो समान कोणों में बाँटता है। लम्बवत्समद्विभाजक (perpendicular bisector) रेखा खंड को मध्यबिंदु पर लंबवत् काटता है, और इसकी प्रमुख विशेषता यह है कि इस पर स्थित प्रत्येक बिंदु खंड के दोनों अंतिम बिंदुओं से समान दूरी (समदूरस्थ) पर होता है। इसी प्रकार, कोण समद्विभाजक के प्रत्येक बिंदु कोण की दोनों भुजाओं से भी समान दूरी पर होते हैं। इन्हें रूलर तथा परकार (कम्पास) की सहायता से सरल निर्माण विधि (जैसे शीर्ष पर वृत्त खींचकर प्रतिच्छेदन बिंदु ज्ञात करना) द्वारा आसानी से बनाया जा सकता है। त्रिविम समष्टि (3D) में, यह विभाजन प्रायः एक समतल द्वारा किया जाता है, जिसे समद्विभाजक समतल (bisecting plane) कहते हैं।
Source: समद्विभाजन — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi
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