गुरु हर किशन
गुरु हर किशन साहिब सिखों के आठवें गुरु थे, जिनका जन्म 17 जुलाई 1656 को कीरतपुर साहिब में हुआ और मात्र 5 वर्ष की आयु में 1661 में उन्हें गुरु पद प्राप्त हुआ। अपने बड़े भाई राम राय की शिकायत पर औरंगजेब के आदेश से राजा जय सिंह ने उन्हें दिल्ली बुलाया, जहाँ रास्ते में पंजोखरा गाँव में उन्होंने एक गूँगे और अनपढ़ व्यक्ति (छज्जू) से संपूर्ण गीता का सार सुनाकर विद्वान लाल चंद को चकित कर दिया। दिल्ली में हैजा और चेचक की महामारी के दौरान उन्होंने जात-पात का भेदभाव किए बिना सभी की सेवा की, जिससे प्रभावित होकर मुस्लिम समुदाय उन्हें 'बाला पीर' कहने लगा। इसी सेवा के दौरान वे स्वयं चेचक से पीड़ित हो गए और मात्र 8 वर्ष की आयु में दिल्ली में उनका निधन हो गया। अपने अंतिम समय में उन्होंने अपने उत्तराधिकारी के रूप में केवल 'बाबा बकाला' (गुरु तेग बहादुर) का नाम लिया, जो उनकी महान आध्यात्मिक दूरदर्शिता को दर्शाता है।
Source: गुरु हर किशन — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi