एल्युमिनियम

एल्युमिनियम भूपर्पटी में सबसे अधिक मात्रा में पाई जाने वाली धातु है, जिसका मुख्य अयस्क बॉक्साइट है। इस धातु को निकालने के लिए पहले बेयर प्रक्रम द्वारा बॉक्साइट से अशुद्धियाँ हटाकर शुद्ध एल्युमिना (Al₂O₃) प्राप्त किया जाता है, और फिर हॉल-हेरो विधि (विद्युत अपघटन) द्वारा इससे शुद्ध एल्युमिनियम निकाला जाता है। यह धातु बेहद हल्की होने के साथ-साथ विद्युत और ऊष्मा की अच्छी चालक है, इसलिए इसका उपयोग मुख्य रूप से हवाई जहाज के पुर्जे बनाने में किया जाता है। इसका नाम लैटिन शब्द 'एल्यूमेन' (फिटकरी) से पड़ा, और 1825 में अर्स्टेड ने इसे पहली बार अलग किया, जबकि 1886 में चार्ल्स मार्टिन हॉल और हेरो ने इसके औद्योगिक उत्पादन की आधुनिक विधि विकसित की। भारत में जम्मू-कश्मीर, रांची, जबलपुर, बालाघाट आदि स्थानों पर बॉक्साइट के विशाल भंडार हैं, और ओडिशा स्थित NALCO (नाल्को) कंपनी दुनिया की सबसे सस्ती एल्युमिनियम बनाने वाली कंपनी मानी जाती है।