आईआरएनएसएस-१ई
आईआरएनएसएस-1ई भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली (आईआरएनएसएस) का पांचवां उपग्रह है, जिसे 20 जनवरी 2016 को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य भारत और उसके आसपास के क्षेत्रों में नौवहन, दिशासूचक सेवाओं और निर्देशांक पर आधारित आँकड़ों को बेहतर बनाना है, जिसके लिए इसे भूसमकालिक कक्षा में स्थापित किया गया। यह उपग्रह अपने दो पेलोड—नौवहन पेलोड (L5 और एस-बैंड सिग्नल) तथा लेज़र रेट्रो-प्रवर्तक से युक्त रेंजिंग पेलोड—के साथ-साथ अत्यधिक सटीक रूबेडियम परमाणु घड़ी से लैस है। इसकी कार्यक्षमता को चालू रखने के लिए दो सौर पैनल 1660 वाट ऊर्जा उत्पन्न करते हैं, और इसे 10 वर्षों की सेवा अवधि के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका प्रक्षेपण पीएसएलवी-सी31 (एक्स-एल संस्करण) की 33वीं उड़ान द्वारा किया गया, जिसने पिछले चार आईआरएनएसएस उपग्रहों की तरह इसे भी सटीक कक्षा में पहुँचाया। यह उपग्रह अन्य छह उपग्रहों के साथ मिलकर देश को जीपीएस और गैलिलियो के अनुकूल स्वतंत्र क्षेत्रीय नौवहन क्षमता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
Source: आईआरएनएसएस-१ई — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi
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