फ्लाईबैक कन्वर्टर

फ्लाईबैक कन्वर्टर एक ऐसा विद्युत परिपथ है जो AC/DC और DC/DC दोनों प्रकार के वोल्टता परिवर्तन करता है, और इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनपुट और आउटपुट के बीच विद्युत अलगाव (isolation) मिलता है। यह मूलतः एक बक-बूस्ट कन्वर्टर है, जिसमें ट्रांसफॉर्मर की प्राइमरी और सेकेंडरी वाइंडिंग में धारा एक साथ नहीं बहती—जब एक में धारा होती है, दूसरी में शून्य होती है, और कभी-कभी दोनों में शून्य (असतत मोड) भी हो सकती है। इसके नियंत्रण के लिए सतत (continuous) और असतत (discontinuous) दो मोड होते हैं, तथा आउटपुट नियंत्रण हेतु करंट मोड या वोल्टेज मोड का उपयोग किया जाता है। फीडबैक लेने के तीन तरीके हैं—ऑप्टोकपलर, ट्रांसफॉर्मर की तीसरी वाइंडिंग, या प्राइमरी वोल्टेज सैंपलिंग। इसका व्यापक उपयोग मोबाइल चार्जर, कंप्यूटर की पावर सप्लाई, CRT टीवी/मॉनिटर में उच्च वोल्टता उत्पन्न करने, और आंतरिक दहन इंजन के इग्निशन सिस्टम में होता है। यह कन्वर्टर अपनी सरल संरचना और अलगाव क्षमता के कारण आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स में अत्यंत महत्वपूर्ण है।