कुबेर नाथ राय

कुबेरनाथ राय (26 मार्च 1933 - 5 जून 1996) हिंदी साहित्य के उन महत्वपूर्ण ललित निबंधकारों में थे, जिनकी गिनती आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी और विद्यानिवास मिश्र जैसे दिग्गजों के साथ की जाती है। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के मतसाँ गाँव में जन्मे राय ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय और कलकत्ता विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की और अपने जीवन में अध्यापन, प्राध्यापक तथा प्राचार्य के रूप में कार्य किया। भारतीय आर्ष-चिंतन और सांस्कृतिक मूल्यों को केंद्र में रखकर लिखी गई उनकी रचनाओं में प्रिया नीलकंठी, गंधमादन और कामधेनु विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। उनकी लेखनी को 'कामधेनु' पर 1992 का मूर्तिदेवी पुरस्कार, 'प्रिया नीलकंठी' पर 1971 का आचार्य रामचंद्र शुक्ल सम्मान और 1995 का साहित्य भूषण सम्मान जैसे प्रतिष्ठित अलंकरण मिले। सरस शैली और गहन विद्वता के इस संगम का निधन 5 जून 1996 को उनके पैतृक गाँव में हुआ, किंतु आज भी हिंदी निबंध परंपरा में उनका योगदान अमर है।